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रुपये की ताकत: वियतनाम और थाईलैंड से हटकर इन ऑफबीट देशों में मनाएं अपनी छुट्टियां
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 07:01 pm
भारतीय पर्यटकों के लिए किर्गिस्तान, जॉर्जिया और लाओस जैसे देश बजट के अनुकूल और वीज़ा मुक्त विकल्प बनकर उभर रहे हैं, जहां भारतीय रुपये की अच्छी वैल्यू मिलती है।
गर्मियों की छुट्टियां करीब आते ही भारतीय और प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच विदेश यात्रा की योजनाएं जोर पकड़ने लगी हैं। जहां पारंपरिक रूप से थाईलैंड और वियतनाम भारतीय पर्यटकों की पहली पसंद रहे हैं, वहीं अब 'रुपये की ताकत' (Rupee Advantage) वाले कुछ नए और ऑफबीट गंतव्य तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किर्गिस्तान, जॉर्जिया और लाओस जैसे देश न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हैं, बल्कि यहां भारतीय मुद्रा की विनिमय दर पर्यटकों को कम बजट में लग्जरी अनुभव प्रदान करती है।
मध्य एशिया का देश किर्गिस्तान प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ों के प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग के समान है। यहां की राजधानी बिश्केक और मनोरम इसिक-कुल झील भारतीय पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। किर्गिस्तान की सबसे बड़ी खूबी यहां का वीज़ा सरलीकरण और कम लागत है। भारतीय यात्रियों के लिए यहां ई-वीज़ा की सुविधा उपलब्ध है, और यहां रहने व खाने-पीने का खर्च भारत के किसी बड़े शहर के बराबर ही आता है।
यूरोप और एशिया की सीमा पर स्थित जॉर्जिया एक और ऐसा रत्न है जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन से दूर रहा है। हालांकि जॉर्जिया में भारतीय रुपये के मुकाबले लारी (Lari) की कीमत अधिक लग सकती है, लेकिन वहां का जीवन स्तर और पर्यटन बुनियादी ढांचा बहुत किफायती है। भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई (Indian-Australians) जो अपने परिवार से मिलने भारत आते हैं, वे अक्सर स्टॉपओवर के रूप में जॉर्जिया को चुन रहे हैं। यहां की वाइन संस्कृति, प्राचीन चर्च और कॉकस पर्वत श्रृंखला इसे एक अनूठा डेस्टिनेशन बनाती है।
दक्षिण-पूर्वी एशिया में लाओस उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो वियतनाम की भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं। लाओस में भारतीय रुपये की क्रय शक्ति काफी अधिक है, जिससे पर्यटक कम खर्च में बेहतर आवास और परिवहन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। मेकांग नदी के किनारे बसे इस देश में बौद्ध मठ और शांतिपूर्ण वातावरण इसे एक आदर्श ग्रीष्मकालीन अवकाश स्थल बनाते हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इन देशों की लोकप्रियता बढ़ने का मुख्य कारण वीज़ा की सुलभता है। अधिकांश ऑफबीट गंतव्य या तो ई-वीज़ा प्रदान कर रहे हैं या आगमन पर वीज़ा (Visa on Arrival) की सुविधा दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी ये गंतव्य एक सेतु का काम करते हैं, जहां वे अपने भारत स्थित परिजनों के साथ बीच के किसी देश में मिल सकते हैं। यह न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि नए देशों को खोजने का एक शानदार अवसर भी है।
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