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भांगर बम धमाका मामला: एनआईए ने पूर्व टीएमसी विधायक सौकत मोल्ला को किया गिरफ्तार

ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 11:30 pm
भांगर बम धमाका मामला: एनआईए ने पूर्व टीएमसी विधायक सौकत मोल्ला को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के भांगर बम धमाके में एनआईए ने पूर्व टीएमसी विधायक सौकत मोल्ला को गिरफ्तार किया है। उन्हें धमाके का मुख्य आरोपी बनाया गया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक सौकत मोल्ला को भांगर बम धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने मोल्ला को इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी करार दिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या अब चार हो गई है। यह मामला इस साल 19 मार्च का है, जब दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दक्षिण बामुनिया गांव में एक भीषण धमाका हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि यह विस्फोट उस समय हुआ जब कुछ लोग अवैध रूप से बम बना रहे थे। इस दर्दनाक घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले की संवेदनशीलता और इसमें संभावित राजनीतिक संलिप्तता को देखते हुए, केंद्रीय जांच एजेंसी ने इसकी कमान संभाली थी। एनआईए के सूत्रों के अनुसार, सौकत मोल्ला की गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई है। इससे पहले एजेंसी ने उनके आवास और उनके करीबियों से जुड़े कई ठिकानों पर सघन छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान मिले दस्तावेजी साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के आधार पर मोल्ला की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। एजेंसी का आरोप है कि मोल्ला न केवल इस अवैध गतिविधि के बारे में जानते थे, बल्कि उन्होंने इसे संरक्षण भी दिया था। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भांगर का इलाका लंबे समय से राजनीतिक संघर्षों और चुनावी हिंसा के लिए चर्चा में रहा है। पूर्व विधायक की गिरफ्तारी ने एक बार फिर राज्य में सत्ताधारी दल और आपराधिक तत्वों के बीच कथित गठजोड़ की बहस को गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने इस गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि टीएमसी समर्थकों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए, विशेष रूप से बंगाल मूल के प्रवासियों के लिए, यह खबर चिंता का विषय है। प्रवासी समुदाय अक्सर अपने गृह राज्य की सुरक्षा स्थिति और कानून-व्यवस्था पर बारीकी से नज़र रखता है। इस तरह की घटनाएं राज्य की छवि और निवेश की संभावनाओं को प्रभावित करती हैं, जो विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए चर्चा का केंद्र बनी रहती हैं। एनआईए अब सौकत मोल्ला को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
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