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चारधाम यात्रा: नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग सख्त, 1600 से अधिक चालान और 43 लाख का जुर्माना वसूला

ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 08:01 pm
चारधाम यात्रा: नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग सख्त, 1600 से अधिक चालान और 43 लाख का जुर्माना वसूला

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन विभाग ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,600 से अधिक चालान जारी किए हैं और 43 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।

उत्तराखंड में विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने चरम पर है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के परिवहन विभाग ने यात्रा मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए अब तक 1,600 से अधिक वाहनों के चालान काटे हैं। इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने कुल 43 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन वाहनों पर की गई है जो फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना चल रहे थे, ओवरलोडिंग कर रहे थे या जिनके पास यात्रा के लिए आवश्यक ग्रीन कार्ड नहीं था। परिवहन सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से पहाड़ी रास्तों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यावसायिक वाहनों की तकनीकी स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह जानकारी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में एनआरआई (NRI) श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा के लिए भारत आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग विदेश से आकर यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें केवल पंजीकृत टूर ऑपरेटरों और प्रमाणित वाहनों का ही चयन करना चाहिए। यात्रा मार्ग पर अचानक होने वाली भीड़ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पंजीकरण प्रक्रिया को भी और अधिक पारदर्शी बनाया है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, हाल ही में ऋषिकेश में सुरक्षा बलों द्वारा एक व्यापक 'मॉक ड्रिल' का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन दल (SDRF) और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे भूस्खलन या चिकित्सा संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया समय (Response Time) को बेहतर बनाना था। ऋषिकेश, जिसे चारधाम का प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां इस तरह के युद्धाभ्यास से यात्रियों में सुरक्षा का भाव जागृत होता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की रिपोर्ट अवश्य देखें और स्वास्थ्य जांच करवाएं। पर्वतीय क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण अक्सर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसके अतिरिक्त, निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल अनुभवी पहाड़ी ड्राइवरों के साथ ही यात्रा करें। परिवहन विभाग की यह सख्ती आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ताकि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।
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