राजनीति
CJP का 'चलो संसद' मार्च: नीट पेपर लीक और बेरोजगारी पर दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
ICN24 Newsroom 20 जुल॰ 2026, 04:35 pm

नीट परीक्षा में हुई धांधली और बेरोजगारी के मुद्दे पर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है, जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस विरोध प्रदर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों और अभिभावकों का जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
संसद के मानसून सत्र के दौरान इस प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों और संसद भवन की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर 'त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था' लागू की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू है और बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के मार्च या जनसभा को अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी है, जिससे लुटियंस दिल्ली के यातायात पर भी असर पड़ने की संभावना है। यात्रियों को उन रास्तों से बचने की सलाह दी गई है जो संसद भवन की ओर जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ संसद का घेराव करने की कोशिश कर सकती है, जिससे सुरक्षा संबंधी गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
नीट परीक्षा विवाद ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय प्रवासियों (NRIs) के लिए भी यह एक संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि उनमें से कई के बच्चे भारतीय चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश पाने की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठते सवालों ने वैश्विक स्तर पर भारतीय शिक्षा की साख को प्रभावित किया है। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों ने इस घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि भारत में उनके रिश्तेदारों और छोटे भाई-बहनों का भविष्य इस परीक्षा प्रणाली से जुड़ा हुआ है।
विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्र संगठन सरकार से नीट परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच और रोजगार सृजन के लिए एक नई राष्ट्रीय नीति की मांग कर रहे हैं। सीजेपी के नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों को बचाने की लड़ाई है। दूसरी ओर, सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का मानना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है, और वे जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव की मांग कर रहे हैं।
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