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अमेरिकी संघीय अदालत ने डाक मतदान नियम पर ट्रंप को दी आंशिक जीत, मतदाता सूचियों को लेकर बढ़ा विवाद

ICN24 Newsroom 19 जुल॰ 2026, 10:36 am
अमेरिकी संघीय अदालत ने डाक मतदान नियम पर ट्रंप को दी आंशिक जीत, मतदाता सूचियों को लेकर बढ़ा विवाद

संघीय अपील अदालत ने उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसने राज्यों को डाक विभाग के साथ मतदाता सूची साझा करने से रोका था, हालांकि नियम फिलहाल लागू नहीं होगा।

एक अमेरिकी संघीय अपील अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित एक विवादित मेल-इन वोटिंग नियम के मामले में एक महत्वपूर्ण लेकिन आंशिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने उस निचले स्तर के अदालती आदेश पर रोक लगा दी है, जिसने राज्यों को अपनी मतदाता पंजीकरण सूची अमेरिकी डाक सेवा (USPS) के साथ साझा करने से रोकने का निर्देश दिया था। हालांकि, इस अदालती जीत के बावजूद, यह नियम तुरंत प्रभावी नहीं होगा क्योंकि मैसाचुसेट्स में एक अलग कानूनी निषेधाज्ञा अभी भी इस पर रोक लगाए हुए है। इस मामले की जड़ें ट्रंप प्रशासन के उस प्रस्ताव में हैं, जिसमें राज्यों से मतदाता डेटा को डाक सेवा के साथ साझा करने की मांग की गई थी। समर्थकों का तर्क है कि इससे डाक मतदान की प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी होगी, जबकि आलोचकों का मानना है कि यह मतदाताओं की गोपनीयता का उल्लंघन है और इससे मतदाता दमन की संभावना बढ़ सकती है। अपील अदालत का हालिया फैसला प्रक्रियात्मक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जो यह संकेत देता है कि कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलेगी। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनाव अखंडता में गहरी रुचि रखते हैं, यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में 'ऑस्ट्रेलियाई चुनाव आयोग' (AEC) द्वारा डाक मतदान का एक सुव्यवस्थित ढांचा पहले से मौजूद है, जहाँ मतदाता पंजीकरण डेटा का प्रबंधन केंद्रीय रूप से किया जाता है। अमेरिका में इसके विपरीत, मतदान नियम और डेटा प्रबंधन राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिससे अक्सर संघीय सरकार और व्यक्तिगत राज्यों के बीच कानूनी खींचतान देखने को मिलती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अपील अदालत का यह फैसला ट्रंप के समर्थकों के लिए एक नैतिक जीत है, जो लंबे समय से चुनाव सुधारों और मतदाता सूचियों की सफाई की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मैसाचुसेट्स में लागू रोक यह सुनिश्चित करती है कि जब तक सभी कानूनी चुनौतियां पूरी नहीं हो जातीं, तब तक डाक सेवा इन सूचियों तक पहुंच प्राप्त नहीं कर सकेगी। जैसे-जैसे अमेरिका अगले चुनाव चक्र की ओर बढ़ रहा है, डाक मतदान और मतदाता सूचियों की सटीकता राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों के लिए, अमेरिका में चुनाव संबंधी इन कानूनी बदलावों का असर वैश्विक भू-राजनीति और लोकतांत्रिक मानदंडों पर पड़ता है। फिलहाल, सभी की निगाहें उच्च न्यायालयों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में अंतिम निर्णय क्या लेते हैं।
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