राजनीति
हैदराबाद: करीब 10 लाख मतदाताओं का डेटा पुनः सत्यापन के दायरे में, तेलंगाना सर्वेक्षण में आई तेजी
ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 05:37 pm

तेलंगाना में जारी सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के बीच हैदराबाद के लगभग 10 लाख मतदाताओं के डेटा को दोबारा जांच के लिए चिह्नित किया गया है। राज्य में अब तक 77.77% डेटा डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में चुनावी शुद्धता और डेटा सटीकता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, अधिकारियों ने लगभग 10 लाख मतदाताओं के विवरण को पुनः सत्यापन (Re-verification) के लिए चिह्नित किया है। यह कार्रवाई राज्य भर में चल रहे व्यापक सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण (Enumeration) के दौरान सामने आई विसंगतियों के बाद की जा रही है। सिस्टमैटिक इंफॉर्मेशन रिफॉर्म (SIR) और संबंधित तकनीकी प्लेटफार्मों के माध्यम से इन मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके दस्तावेजों या निवास स्थान की जानकारी में स्पष्टता की कमी पाई गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में डेटा डिजिटलीकरण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है। बुधवार शाम 6 बजे तक के अपडेट के अनुसार, राज्य भर में वितरित किए गए 3,38,26,448 गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) में से 2,63,95,904 प्रपत्रों को सफलतापूर्वक डिजिटल कर दिया गया है। इसके साथ ही, पूरे राज्य में डिजिटलीकरण की दर 77.77% तक पहुंच गई है। यह सर्वेक्षण न केवल सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे मतदाता सूची को भी अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हैदराबाद जैसे महानगर में मतदाताओं के डेटा का पुनः सत्यापन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। शहर की गतिशील आबादी और अक्सर बदलते पते के कारण मतदाता सूची में विसंगतियां आने की संभावना अधिक रहती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन प्रविष्टियों को हटाना है जो या तो दोहरी हैं, या फिर वे मतदाता अब उस क्षेत्र में निवास नहीं करते हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी चुनावों से पहले एक 'शुद्ध' और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से तेलंगाना मूल के प्रवासियों के लिए यह समाचार अत्यंत प्रासंगिक है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले कई प्रवासी भारतीय (NRIs) अभी भी भारत में अपने मतदान के अधिकारों को बनाए रखते हैं या उनके परिवार के सदस्य वहां चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हैदराबाद में डेटा सत्यापन की इस प्रक्रिया से उन परिवारों को अपनी जानकारी अद्यतन करने का अवसर मिलेगा। आईएनसी24 से बात करते हुए कुछ प्रवासियों ने बताया कि इस तरह की पारदर्शी प्रक्रिया से लोकतंत्र में विश्वास बढ़ता है और यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन 10 लाख लोगों के डेटा को फ्लैग किया गया है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसके तहत जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सर्वेक्षण कर्मियों का सहयोग करें ताकि डेटा प्रविष्टि की इस विशाल प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। आगामी हफ्तों में शेष 22% डेटा को भी सिस्टम में अपलोड किए जाने की संभावना है, जिससे तेलंगाना का यह डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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