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जम्मू-कश्मीर: कठुआ में भीषण आग से दो दर्जन झुग्गियां राख, राजौरी के जंगलों में विस्फोट से हड़कंप

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 08:00 am
जम्मू-कश्मीर: कठुआ में भीषण आग से दो दर्जन झुग्गियां राख, राजौरी के जंगलों में विस्फोट से हड़कंप

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भीषण आग लगने से प्रवासियों की दो दर्जन से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं, वहीं राजौरी में जंगल की आग से बारूदी सुरंगों में धमाके हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बुधवार सुबह एक भीषण अग्निकांड में लगभग दो दर्जन झुग्गियां जलकर राख हो गई। इस घटना ने कई प्रवासी परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह आग चक गोटा इलाके के मग्गर खड्ड के पास स्थित एक कबाड़खाने के पास बनी अस्थायी बस्तियों में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक प्रवासियों का घरेलू सामान, कपड़े और जीवनभर की जमा पूंजी जलकर खाक हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवारों में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं जो आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों से यहां आकर बसे थे। एक अन्य संबंधित घटना में, राजौरी जिले के सीमावर्ती इलाकों में भीषण जंगल की आग के कारण हड़कंप मच गया। नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित जंगलों में लगी इस आग की गर्मी से सुरक्षा के उद्देश्य से बिछाई गई कई बारूदी सुरंगों (landmines) में विस्फोट हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नौशेरा सेक्टर में कई धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों और स्थानीय निवासियों में तनाव फैल गया। गर्मियों के मौसम में जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जंगली इलाकों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं, लेकिन इस बार की भीषण गर्मी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। प्रवासी मजदूरों के लिए यह एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, क्योंकि उनके पास रहने के लिए अब कोई ठिकाना नहीं बचा है। कठुआ प्रशासन ने प्रभावितों के लिए अस्थायी सहायता और भोजन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि कई प्रवासी भारतीयों का मूल निवास इन सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ा है। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले जम्मू-कश्मीर मूल के लोग अक्सर अपने गृह राज्य में होने वाली ऐसी प्राकृतिक और आकस्मिक आपदाओं पर चिंता व्यक्त करते रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सूखे क्षेत्रों में आग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
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