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जॉब और PR के नाम पर बड़ा फ्रॉड: कनाडा में भारतीय दूतावास ने छात्रों और कामगारों के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 07:31 am
कनाडा में भारतीय दूतावास ने इमिग्रेशन और नौकरी के नाम पर हो रहे स्कैम को लेकर भारतीय नागरिकों को आगाह किया है। दूतावास ने फर्जी एजेंटों से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कनाडा में बेहतर भविष्य का सपना लेकर जाने वाले भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। ओटावा स्थित भारतीय दूतावास ने हाल ही में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को उन आपराधिक गिरोहों से सावधान रहने को कहा है, जो इमिग्रेशन और परमानेंट रेजिडेंसी (PR) दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं। दूतावास के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां फर्जी एजेंटों ने मोटे पैसे लेकर लोगों को गलत जानकारी दी या नकली दस्तावेज थमा दिए।
यह एडवाइजरी विशेष रूप से उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट या पीआर के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में होते हैं। स्कैमर्स अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अनौपचारिक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इन युवाओं को निशाना बनाते हैं। वे 'गारंटीड जॉब' और 'फास्ट-ट्रैक पीआर' जैसे लुभावने वादे करते हैं। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि कनाडा की आव्रजन प्रक्रिया पूरी तरह से आधिकारिक नियमों पर आधारित है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के पास इसे प्रभावित करने की शक्ति नहीं है।
दूतावास ने भारतीय समुदाय को सलाह दी है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल या ईमेल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। कई मामलों में स्कैमर्स खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए पीड़ितों को डराते हैं कि उनका वीजा रद्द होने वाला है और बचने के लिए उन्हें तुरंत 'जुर्माना' भरना होगा। दूतावास ने पुष्टि की है कि न तो भारतीय मिशन और न ही कनाडा के सरकारी विभाग कभी भी फोन पर पैसे की मांग करते हैं या डिजिटल वॉलेट के जरिए भुगतान करने को कहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह घटनाक्रम एक सबक की तरह है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में भी भारतीय छात्र अक्सर इसी तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे कनाडा हो या ऑस्ट्रेलिया, इमिग्रेशन नियमों में हालिया बदलावों के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसका फायदा जालसाज उठा रहे हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल पंजीकृत इमिग्रेशन एजेंटों (जैसे ऑस्ट्रेलिया में MARA एजेंट) की ही सेवाएं लें।
भारतीय दूतावास ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि वे किसी भी तरह के स्कैम का शिकार होते हैं, तो वे तुरंत स्थानीय कनाडाई पुलिस और दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों पर इसकी सूचना दें। किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों (जैसे canada.ca) पर अवश्य करें। सतर्कता ही इन गिरोहों के जाल से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।
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