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मैरिको ने FSSAI के 'ईट राइट इंडिया' अभियान को दी गति, 42 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाई स्वस्थ आहार की जानकारी
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 07:30 pm
मैरिको लिमिटेड ने FSSAI के 'ईट राइट इंडिया' कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2024 में 42 लाख लोगों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का संदेश पहुँचाया है।
प्रमुख भारतीय उपभोक्ता वस्तु कंपनी मैरिको लिमिटेड ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फ्लैगशिप कार्यक्रम 'ईट राइट इंडिया' (Eat Right India) के कार्यान्वयन में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। कंपनी ने हाल ही में साझा किया कि उसने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान देश भर में 42 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित, स्वस्थ और टिकाऊ भोजन पद्धतियों के प्रति जागरूक किया है। यह पहल भारत सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत नागरिकों के पोषण स्तर में सुधार लाना और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को कम करना है।
मैरिको की इस सक्रियता का असर न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय समुदायों के बीच भी देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए भी इस तरह के अभियान महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे अक्सर पारंपरिक भारतीय खाद्य उत्पादों का उपभोग करते हैं। 'ईट राइट इंडिया' के माध्यम से मैरिको ने नमक, चीनी और वसा (Fat) के कम उपयोग पर जोर दिया है, जो हृदय रोगों और मधुमेह जैसी समस्याओं को रोकने में सहायक है—ऐसी बीमारियाँ जिनसे दक्षिण एशियाई समुदाय सांख्यिकीय रूप से अधिक प्रभावित होता है।
इस कार्यक्रम के तहत मैरिको ने विभिन्न समुदायों, स्कूलों और कार्यस्थलों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए हैं। कंपनी ने न केवल जानकारी साझा की, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए 'ईट राइट कैंपस' और 'ईट राइट स्कूलों' के निर्माण में भी सहायता की। FSSAI के साथ इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव लाना है ताकि वे पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल को ध्यान से पढ़ें और संतुलित आहार का चयन करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैरिको जैसी बड़ी कंपनियों की भागीदारी से खाद्य सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना आसान हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह खबर प्रासंगिक है क्योंकि कई प्रमुख भारतीय ब्रांड्स मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में निर्यात किए जाते हैं। जब भारत में निर्माण के स्तर पर ही बेहतर मानकों और पोषण का ध्यान रखा जाता है, तो इसका लाभ वैश्विक उपभोक्ताओं को भी मिलता है।
मैरिको ने भविष्य की अपनी योजनाओं में इस अभियान के दायरे को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को पोषण साक्षरता (Nutrition Literacy) प्रदान करना है। इस अभियान की सफलता यह दर्शाती है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाने में सक्षम है। जैसे-जैसे वैश्विक खाद्य प्रणालियाँ बदल रही हैं, भारत की यह पहल दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश कर रही है।
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