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‘काम के घंटे तय नहीं’: महिमा मकवाना ने ग्लैमर की दुनिया के पीछे के संघर्ष और मानसिक स्वास्थ्य पर की खुलकर बात
ICN24 Newsroom 21 जुल॰ 2026, 01:35 am

अभिनेत्री महिमा मकवाना ने अभिनय की दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए बताया कि चकाचौंध के पीछे अनिश्चितता और कड़ा संघर्ष छिपा होता है।
भारतीय मनोरंजन जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री महिमा मकवाना ने हाल ही में फिल्म उद्योग की चकाचौंध के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई पर खुलकर बात की है। अपनी आगामी वेब सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ के प्रचार के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिनय की दुनिया जितनी ग्लैमरस दिखाई देती है, वास्तव में वह उतनी ही चुनौतीपूर्ण और थका देने वाली है। महिमा के अनुसार, इस पेशे में काम के घंटों की कोई निश्चित सीमा नहीं होती, जो कलाकारों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है।
महिमा मकवाना ने अपने करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में टेलीविजन से की थी और धीरे-धीरे फिल्मों तक का सफर तय किया। ‘बालिका वधू’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों से पहचान बनाने के बाद, उन्होंने सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा। अपने इस लंबे सफर का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बाहरी दुनिया को केवल रेड कार्पेट और चमक-धमक दिखाई देती है, लेकिन इसके पीछे की अनिश्चितता और तनाव को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
अभिनेत्री ने विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस (काम और निजी जीवन के बीच संतुलन) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म और टीवी उद्योग में शिफ्ट का कोई तय समय नहीं होता। कभी-कभी कलाकारों को लगातार 18 से 20 घंटों तक काम करना पड़ता है, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाती है। महिमा ने बताया कि ऐसी स्थिति में मानसिक शांति बनाए रखने के लिए एक सख्त रूटीन का पालन करना बेहद जरूरी है। वे खुद को संतुलित रखने के लिए योग, ध्यान और परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता देती हैं।
महिमा की आगामी वेब सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ 24 जुलाई को रिलीज होने के लिए तैयार है। इस प्रोजेक्ट को लेकर वह काफी उत्साहित हैं और उनका मानना है कि यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि एक कलाकार के तौर पर हर नए प्रोजेक्ट के साथ मिलने वाली चुनौतियां उन्हें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं, लेकिन इसके साथ ही खुद का ख्याल रखना भी उनकी प्राथमिकता है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए महिमा मकवाना की ये बातें काफी प्रासंगिक हैं। प्रवासी भारतीयों के बीच भी कार्य-जीवन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। जिस तरह महिमा ने मनोरंजन उद्योग की उच्च-दबाव वाली स्थितियों का जिक्र किया, वैसी ही चुनौतियां आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हर पेशेवर के सामने हैं। महिमा का यह संदेश कि ‘ग्लैमर से अधिक स्वास्थ्य जरूरी है’, उन युवाओं के लिए भी एक सीख है जो अभिनय की दुनिया में करियर बनाने का सपना देखते हैं।
अंत में, महिमा ने अपने प्रशंसकों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी सफलता में उनके चाहने वालों का बड़ा हाथ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक ‘मुसाफिर कैफे’ में उनके अभिनय को पसंद करेंगे और उनकी मेहनत को सराहेंगे।
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