टेक्नोलॉजी
NSA अजीत डोभाल ने ईरान-अमेरिका तालमेल का किया स्वागत; कहा- साइबर खतरों और आतंकवाद के नए तरीकों के प्रति सतर्कता जरूरी
ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 04:27 pm

ब्रिक्स देशों की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान-अमेरिका के बीच कम होती कड़वाहट को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत बताया और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को ब्रिक्स (BRICS) देशों के उच्च स्तरीय सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। डोभाल ने ईरान और अमेरिका के बीच हालिया कूटनीतिक तालमेल और समझ को एक सकारात्मक विकास बताया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़े झटकों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत इस कदम को 'सतर्क आशावाद' (cautious optimism) के साथ देख रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया में कम होती शत्रुता के लाभ केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनका वैश्विक प्रभाव पड़ेगा।
डोभाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। एनएसए ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होता है, तो यह वैश्विक बाजारों में स्थिरता लाएगा। यह स्थिरता न केवल भारत के लिए, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे उन तमाम देशों के लिए भी महत्वपूर्ण है जहां भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और जो वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से सीधे प्रभावित होते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, मध्य पूर्व में शांति का मतलब है ईंधन की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक महंगाई पर नियंत्रण, जो प्रवासी परिवारों के बजट पर सीधा असर डालता है।
आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ, अजीत डोभाल ने सुरक्षा के बदलते आयामों पर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की दुनिया में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। 'साइबर खतरे' और 'आतंकवाद के नए तरीके' वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियां बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तकनीक का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, वह पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी परीक्षा है। डिजिटल स्पेस में होने वाले हमले किसी देश की बुनियादी संरचना को पंगु बना सकते हैं।
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए डोभाल ने कहा कि आतंकवादी अब नई तकनीकों, जैसे कि एन्क्रिप्टेड संचार और ड्रोन, का उपयोग कर रहे हैं। इन उभरते खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी सहयोग और निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच इस दिशा में साझा रणनीति बनाने की वकालत की।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा और तकनीकी सहयोग के संदर्भ में भी डोभाल के ये विचार प्रासंगिक हैं। दोनों देश 'क्वाड' (Quad) के माध्यम से साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा पर मिलकर काम कर रहे हैं। डोभाल ने अंत में कहा कि तकनीक और सुरक्षा के इस दौर में कोई भी देश अकेला सुरक्षित नहीं रह सकता, इसके लिए सामूहिक प्रयास और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। भारत आने वाले समय में इन मुद्दों पर वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
संबंधित ख़बरें

technology
OpenPayd को मिला MiCA लाइसेंस: यूरोप में स्टेबलकॉइन्स के विस्तार के लिए मार्ग प्रशस्त
ग्लोबल पेमेंट प्लेटफॉर्म OpenPayd ने यूरोपीय संघ के MiCA नियमों के तहत लाइसेंस हासिल कर लिया है, जिससे स्टेबलकॉइन आधारित लेनदेन में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
24 जून 2026, 06:26 pm

technology
iPhone 18 Pro में बड़े कैमरा बदलाव की तैयारी: मोटे मॉड्यूल और बेहतर लेंस के साथ आ सकता है नया मॉडल
एप्पल के आगामी iPhone 18 Pro सीरीज में उन्नत कैमरा सेंसर और वेरिएबल अपर्चर तकनीक मिलने की चर्चा है, जिससे रियर कैमरा मॉड्यूल का आकार बढ़ सकता है।
24 जून 2026, 06:12 pm

technology
अनजान नंबरों से व्हाट्सएप संदेशों पर अब मिलेगी चेतावनी, नए सुरक्षा फीचर से रुकेगा साइबर फ्रॉड
व्हाट्सएप ने सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज पर 'ट्रस्ट वार्निंग' देना शुरू किया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलेगी।
24 जून 2026, 05:58 pm

