ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
7 जून का पंचांग: अधिक भानू सप्तमी पर द्विपुष्कर और रवि योग का दुर्लभ संयोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 03:00 pm

इस रविवार को अधिक भानू सप्तमी के अवसर पर द्विपुष्कर और रवि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो सूर्य देव की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
आगामी 7 जून को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे 'भानू सप्तमी' के रूप में मनाया जाता है। विशेष बात यह है कि इस वर्ष पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है, जिसके कारण इसे 'अधिक भानू सप्तमी' कहा जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन द्विपुष्कर योग और रवि योग का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो सूर्य देव की उपासना और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भानू सप्तमी वह दिन होता है जब रविवार के दिन सप्तमी तिथि का मेल होता है। चूंकि रविवार सूर्य देव का दिन है और सप्तमी तिथि उनकी प्रिय तिथि मानी जाती है, इसलिए इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए, जो अपनी जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहते हैं, यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और मानसिक शांति प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट अवसर है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले हिंदू धर्मावलंबी स्थानीय समयानुसार सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर इस शुभ योग का लाभ उठा सकते हैं।
इस दिन बनने वाला द्विपुष्कर योग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। मान्यताओं के अनुसार, इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल दोगुना प्राप्त होता है। साथ ही, रवि योग की उपस्थिति वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और सभी प्रकार के दोषों का शमन करती है। अधिक मास, जिसे 'नारायण का मास' भी कहा जाता है, में सूर्य की उपासना करने से आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। मेलबर्न के श्री शिव विष्णु मंदिर और सिडनी के श्री स्वामीनारायण मंदिर जैसे प्रमुख केंद्रों में श्रद्धालु इस दिन विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन कर सकते हैं।
धार्मिक अनुष्ठानों की बात करें तो इस दिन प्रातः काल स्नान के पश्चात तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। जल में लाल चंदन, अक्षत और लाल पुष्प मिलाना शुभ माना जाता है। इसके पश्चात 'ओम घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करना फलदायी रहता है। पंचांग के अनुसार, पूजा का सबसे उत्तम समय सूर्योदय के बाद के प्रथम दो घंटे माने गए हैं। दान-पुण्य के कार्यों के लिए भी यह दिन सर्वश्रेष्ठ है; विशेष रूप से गेहूं, गुड़ और तांबे की वस्तुओं का दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
ऑस्ट्रेलियाई समयानुसार पंचांग गणना में कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय मंदिरों द्वारा जारी की गई समय सारणी का पालन करना उचित होगा। आई सी एन 24 (ICN24) की टीम सभी पाठकों के लिए इस भानू सप्तमी पर सुख और समृद्धि की कामना करती है। यह दुर्लभ संयोग न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए बल्कि सामुदायिक सौहार्द के लिए भी एक प्रेरक अवसर है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
विशाखापत्तनम: 2,000 से अधिक NCC कैडेट्स ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया शक्ति प्रदर्शन
विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 2,000 से अधिक NCC कैडेट्स ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश दिया।
21 जून 2026, 02:25 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
आंध्र प्रदेश में 'रेड बुक शासन' का आरोप: पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने राजनीतिक प्रतिशोध का लगाया दावा
पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश सरकार पर 'रेड बुक' के जरिए विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसमें उनके खिलाफ 27 मामले दर्ज किए गए हैं।
21 जून 2026, 02:10 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
सिर्फ फोटो नहीं, मेलोनी की इस बात पर गुस्साए ट्रंप; निकाली ईरान से युद्ध में इटली का साथ ना मिलने की झल्लाहट
डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन में उनके साथ फोटो खिंचवाने की गुहार लगाई थी और ईरान के मुद्दे पर साथ नहीं दिया।
21 जून 2026, 01:55 am

