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विकसित छत्तीसगढ़ के लिए गांवों का कायाकल्प जरूरी, मुख्यमंत्री साय ने दिए विकास के स्पष्ट मंत्र
ICN24 Newsroom 28 जुल॰ 2026, 02:36 am

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायत सीईओ की उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करने और पारदर्शिता बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए ग्रामीण अंचलों की प्रगति को अनिवार्य बताया है। राजधानी रायपुर में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'विकसित छत्तीसगढ़' का संकल्प तभी साकार होगा, जब प्रदेश के गांव सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए 'मिशन मोड' में काम करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना' की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि गरीब परिवारों का अपने घर का सपना जल्द पूरा हो सके। साय ने कहा कि आवास योजना केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। उन्होंने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही या भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की चेतावनी दी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने 'लखपति दीदी' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। लक्ष्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं प्रति वर्ष कम से कम एक लाख रुपये की आय अर्जित कर सकें। इसके साथ ही, 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को सक्रिय होने को कहा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली के बिलों में कटौती हो सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सड़क, स्वच्छता और पेयजल की सुविधा हर गांव तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करें और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लें। साय के अनुसार, प्रशासनिक सक्रियता और पारदर्शिता ही शासन की योजनाओं को सफल बनाने की कुंजी है। उन्होंने 'विकसित भारत' की तर्ज पर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए एक ठोस रोडमैप पर काम करने की बात कही।
इस समीक्षा बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के मूड में है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटर की जाएगी।
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