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भानगढ़ का रहस्य: क्या यह वाकई कोई अभिशाप है या केवल विज्ञान और प्रकृति का खेल?
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:40 pm
राजस्थान का भानगढ़ किला अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन स्थानीय निवासी और विशेषज्ञ इन दावों के पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण बताते हैं।
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला लंबे समय से भारत के सबसे 'भयानक' या 'भूतिया' स्थानों की सूची में शीर्ष पर रहा है। अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा यह 17वीं शताब्दी का किला अपनी स्थापत्य कला और खूबसूरती के बजाय अपने साथ जुड़ी डरावनी किंवदंतियों के लिए अधिक जाना जाता है। हालांकि, हाल के वर्षों में शोधकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने इन रहस्यों से पर्दा उठाते हुए एक अलग ही तस्वीर पेश की है, जो अंधविश्वास के बजाय विज्ञान और इतिहास पर आधारित है।
इतिहास के पन्नों को पलटें तो भानगढ़ किले का निर्माण राजा माधो सिंह ने करवाया था, जो मुगल सम्राट अकबर के सेनापति मान सिंह प्रथम के छोटे भाई थे। यह किला उस समय की वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें गोपीनाथ और सोमेश्वर जैसे भव्य मंदिर आज भी अपनी गरिमा बनाए हुए हैं। किले के वीरान होने के पीछे सबसे प्रचलित कहानी एक तांत्रिक के 'श्राप' की है, जिसने कथित तौर पर रानी रत्नावती को पाने की कोशिश की थी। लोककथाओं के अनुसार, तांत्रिक की मृत्यु के बाद पूरा शहर बर्बाद हो गया और तब से यहां आत्माओं का वास माना जाता है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सूर्यास्त के बाद इस किले में प्रवेश वर्जित कर रखा है। इसी प्रतिबंध ने 'भूतिया' दावों को और हवा दी है। लेकिन स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि यह प्रतिबंध किसी अदृश्य शक्ति के कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा कारणों से लगाया गया है। भानगढ़ किला सरिस्का टाइगर रिजर्व के बिल्कुल करीब स्थित है। रात के समय यहां तेंदुए, लकड़बग्घे और अन्य जंगली जानवरों का मूवमेंट काफी बढ़ जाता है। किले के खंडहरों में जंगली झाड़ियां और अंधेरी कोठरियां इन जानवरों के लिए छिपने की आदर्श जगह हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए प्रशासन ने रात में प्रवेश पर रोक लगाई है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, भानगढ़ की 'डरावनी' छवि के पीछे 'पेरिडोलिया' (Pareidolia) नामक मानसिक स्थिति भी एक बड़ा कारण हो सकती है। यह वह स्थिति है जिसमें मानव मस्तिष्क किसी अस्पष्ट आकृति या ध्वनि में भी कोई परिचित अर्थ या चेहरा ढूंढने की कोशिश करता है। किले की पुरानी दीवारों पर पड़ने वाली परछाइयां और हवा के गुजरने से होने वाली आवाजों को अक्सर लोग अनजाने में 'अतिप्राकृतिक' घटना मान लेते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भानगढ़ केवल एक डरावनी कहानी नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध विरासत का हिस्सा है। एडिलेड और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीय जब भारत दौरे पर जाते हैं, तो भानगढ़ उनकी सूची में 'डार्क टूरिज्म' के केंद्र के रूप में जरूर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थल को डरावनी कहानियों के चश्मे से देखने के बजाय एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में देखना चाहिए। भानगढ़ का असली रहस्य इसकी दीवारों में कैद इतिहास और इसके आसपास की प्राकृतिक सुंदरता में छिपा है, न कि किसी प्राचीन श्राप में।
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