इमिकास्ट
अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत: क्या भारत-अमेरिका संबंधों में आएगी कड़वाहट?
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 05:30 am

ओमान के पास अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।
ओमान के तट और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु हो गई है। इस घटना ने न केवल भारत में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है, बल्कि दशकों से चले आ रहे भारत-अमेरिका संबंधों की स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए इन हमलों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी सेना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान चला रही थी। हालांकि, इन हमलों में भारतीय नागरिकों की जान जाने से नई दिल्ली बेहद सख्त रुख अपना रही है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वाशिंगटन से विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार शुल्क, रूसी तेल के आयात और वीजा प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर पहले से ही मतभेद चल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इस सैन्य कार्रवाई के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और रणनीतिक साझेदारी काफी मजबूत हुई है, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर वाशिंगटन के रुख ने पहले ही तनाव पैदा कर दिया था। अब इस नवीनतम त्रासदी ने संबंधों को 'कोल्ड फेज' यानी सबसे निचले स्तर पर धकेलने का खतरा पैदा कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका 'क्वाड' (QUAD) के सदस्य हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते हैं। यदि भारत और अमेरिका के संबंधों में दरार आती है, तो इसका असर क्षेत्रीय भू-राजनीति और प्रवासी भारतीयों से जुड़ी नीतियों पर भी पड़ सकता है। प्रवासी समुदाय अक्सर इन दोनों देशों के बीच सेतु का काम करता है, और इस तरह की घटनाएं उनके बीच असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या 'सहज दोस्ती' का दौर अब समाप्त हो गया है? भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। आने वाले हफ्तों में वाशिंगटन की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्या यह केवल एक दुखद दुर्घटना थी या फिर यह दोनों देशों के बीच एक अधिक कठिन और व्यापारिक (hard-nosed) संबंधों की शुरुआत है।
संबंधित ख़बरें

इमिग्रेशन
मार्को रुबियो का ज्ञापन: ट्रंप सहयोगी के आलोचक अप्रवासी बेटो कोरल की गिरफ्तारी का समर्थन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर छिड़ी बहस
अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने कोलंबियाई कार्यकर्ता बेटो कोरल की गिरफ्तारी का समर्थन किया है, जिससे राजनीतिक शरण और प्रवासियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
21 जून 2026, 03:57 am
-1781968449533.webp)
इमिग्रेशन
जुलाई 2026 यूएस वीजा बुलेटिन: भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों को बड़ा झटका, EB-2 और EB-5 श्रेणियां हुई 'अनअवेलेबल'
अमेरिकी विदेश विभाग के जुलाई 2026 वीजा बुलेटिन ने भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा अवधि बढ़ा दी है। EB-2 और EB-5 श्रेणियां अब इस वित्त वर्ष के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
21 जून 2026, 03:41 am

इमिग्रेशन
लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल का बड़ा फैसला: गैर-नागरिकों को स्थानीय चुनावों में मिल सकता है वोट देने का अधिकार
लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल ने नवंबर के मतपत्र पर एक उपाय रखने की मंजूरी दी है, जो गैर-नागरिकों को स्थानीय चुनावों में मतदान करने की अनुमति देगा।
21 जून 2026, 03:27 am

