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ब्रिटेन में अप्रवासियों के खिलाफ हिंसा भड़की: बेलफास्ट में आगजनी और तोड़फोड़, भारतीय समुदाय में बढ़ी चिंता
ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 01:00 am

उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में चाकू हमले के बाद भड़की हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने अप्रवासियों के घरों और संपत्तियों को निशाना बनाया है।
उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में हाल ही में हुई एक चाकूबाजी की घटना के बाद बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक और नस्लीय हिंसा भड़क उठी है। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के समूहों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जमकर उत्पात मचाया, जिसमें विशेष रूप से अप्रवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों के घरों और वाहनों को निशाना बनाया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने न केवल आगजनी की, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे पुलिस अधिकारियों पर भी पथराव और पेट्रोल बमों से हमला किया।
इस हिंसा की जड़ें एक हालिया चाकू हमले से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने आग में घी डालने का काम किया। दक्षिणपंथी समूहों और स्थानीय प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बढ़ती आप्रवासन नीतियों के कारण स्थानीय सुरक्षा खतरे में है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा का सहारा लेने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बेलफास्ट के सैंडी रो और आसपास के इलाकों में कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और 'बाहरियों' के घरों की खिड़कियां तोड़ दी गईं।
ब्रिटेन में हो रही यह हिंसा केवल उत्तरी आयरलैंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी तनाव का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय, जिनके रिश्तेदार ब्रिटेन में बसे हैं, वहां की सुरक्षा स्थिति को लेकर आशंकित हैं। ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक स्तर पर 'एंटी-इमिग्रेशन' (आप्रवासन विरोधी) भावनाओं को हवा दे सकती हैं, जिससे ऑस्ट्रेलिया जैसे बहुसांस्कृतिक देशों में भी सामाजिक सद्भाव पर असर पड़ सकता है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है। सरकार ने चेतावनी दी है कि जो लोग नफरत फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस ने अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से मांग की है कि अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटना एक सबक की तरह है कि कैसे गलत सूचनाएं और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें किसी भी शांत समाज को हिंसा की आग में झोंक सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय दूतावास और स्थानीय सामुदायिक संगठन ब्रिटेन के हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि वहां मौजूद भारतीय मूल के छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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