इमिकास्ट
बार्नबी जॉयस के 'नए प्रवासियों' वाले बयान पर विवाद: क्या विदेशी खरीदार वाकई बढ़ा रहे हैं घर की कीमतें?
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 12:30 pm

सांसद बार्नबी जॉयस ने दावा किया है कि नए प्रवासियों जैसे दिखने वाले लोग नीलामी में घर खरीद रहे हैं, जबकि सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते आवास संकट के बीच, नेशनल पार्टी के सांसद बार्नबी जॉयस के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। जॉयस ने दावा किया है कि घरों की नीलामियों (ऑक्शन्स) में ऐसे लोग हावी हो रहे हैं जो 'हाल ही में आए प्रवासियों' जैसे दिखते हैं। उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हो रही है, विशेष रूप से प्रवासी समुदायों और मानवाधिकार विशेषज्ञों द्वारा, जो इसे नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।
जॉयस ने तर्क दिया कि कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपने ही देश में घर खरीदने की होड़ से बाहर हो रहे हैं क्योंकि हाल ही में आए लोग ऊंची बोलियां लगा रहे हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई कराधान कार्यालय (ATO) के आधिकारिक आंकड़े जॉयस के दावों के विपरीत एक अलग तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में होने वाली कुल आवासीय बिक्री में विदेशी खरीदारों की हिस्सेदारी 1% से भी कम है।
भारतवंशी और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के लिए यह मुद्दा संवेदनशील है, क्योंकि इस तरह की टिप्पणियां अक्सर उन प्रवासियों को निशाना बनाती हैं जो कानूनी रूप से ऑस्ट्रेलिया के नागरिक या स्थायी निवासी बन चुके हैं। नस्लीय भेदभाव आयुक्त ने इस प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि आवास की कमी और बढ़ती कीमतों के लिए प्रवासियों को बलि का बकरा बनाना गलत है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर की कीमतों में बढ़ोत्तरी के पीछे मुख्य कारण ब्याज दरें, आपूर्ति में कमी और कर नीतियां हैं, न कि विदेशी निवेश।
विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जॉयस के 'दिखने' वाले शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के रंग-रूप के आधार पर उसकी नागरिकता या वित्तीय स्थिति का अनुमान लगाना न केवल भ्रामक है, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता के लिए भी खतरा है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देता है, ऐसी बयानबाजी से अक्सर असुरक्षित महसूस करता है।
फिलहाल, आवास संकट ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। सरकार पर इस बात का दबाव है कि वह घरों की आपूर्ति बढ़ाए और किराएदारों को सुरक्षा प्रदान करे। हालांकि, सांख्यिकीय साक्ष्य बताते हैं कि विदेशी स्वामित्व की दर ऐतिहासिक रूप से कम बनी हुई है, जिससे जॉयस जैसे दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
संबंधित ख़बरें

इमिग्रेशन
पाकिस्तान हॉकी कप्तान अम्माद शकील बट को ब्रिटिश वीजा नहीं मिला, अहम मैचों से रहेंगे बाहर
पाकिस्तान हॉकी टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि कप्तान अम्माद शकील बट को ब्रिटेन का वीजा नहीं मिल सका, जिससे वे एफआईएच प्रो लीग से बाहर हो गए हैं।
21 जून 2026, 12:26 am
इमिग्रेशन
व्हाइट हाउस ने विदेशी छात्रों के लिए नए वीजा नियमों को दी हरी झंडी: जानें भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर
अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के लिए 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नियम में बदलाव की तैयारी है, जिससे भारतीय छात्रों की पढ़ाई और वहां रुकने की अवधि पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
21 जून 2026, 12:11 am
इमिग्रेशन
यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।
20 जून 2026, 12:23 pm

