राजनीति
अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 09:31 am

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कड़ा विरोध जताया है।
भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की एक कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु पर संयुक्त राज्य अमेरिका के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बात की और इस घटना को 'अनुचित' करार दिया। भारतीय पक्ष ने वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई के प्रति अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब अमेरिकी नौसेना के एक पोत ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक वाणिज्यिक जहाज पर बल प्रयोग किया। इस हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की जान चली गई। विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं में नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह के हिंसक कदम किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। भारत ने इस मामले की गहन जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने की मांग की है।
यह कूटनीतिक गतिरोध ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध काफी मजबूत हैं। हालांकि, भारतीय नाविकों की मृत्यु ने नई दिल्ली में आक्रोश पैदा कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में हों। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक और कामगार कार्यरत हैं, जिससे यह क्षेत्र भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्वतंत्र नौवहन के समर्थक हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीयों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना का असर आगामी द्विपक्षीय वार्ताओं पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी संप्रभुता और अपने नागरिकों के जीवन के मूल्य पर कोई समझौता नहीं करने का संकेत दे चुका है।
अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल इस घटना पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन मार्को रुबियो के साथ हुई बातचीत में जयशंकर ने जोर देकर कहा कि बल का प्रयोग अंतिम विकल्प होना चाहिए, विशेषकर तब जब नागरिक जीवन दांव पर हो। भारत सरकार पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। आगामी दिनों में इस मामले पर वाशिंगटन से आधिकारिक स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है।
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