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मणिपुर सरकार का कड़ा रुख: छह नगा व्यक्तियों की हत्या को 'जघन्य अपराध' बताया, न्याय का संकल्प
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 05:31 pm

मणिपुर सरकार ने छह नगा पुरुषों की हत्या की निंदा करते हुए इसे एक जघन्य अपराध बताया है और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की है।
मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। राज्य सरकार ने हाल ही में अगवा किए गए छह नगा व्यक्तियों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने इस घटना को एक 'जघन्य और अभूतपूर्व अपराध' करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
इम्फाल और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और नागरिक समाज संगठनों ने सुरक्षा में चूक को लेकर नाराजगी जाहिर की है। बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को मणिपुर भेजा है। सुरक्षा बलों को संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च करने और उपद्रवियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह घटना राज्य के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की एक साजिश है। उन्होंने जनता से संयम बरतने की अपील की और आश्वासन दिया कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाने के लिए सक्रियता से काम कर रही हैं। राज्य कैबिनेट ने भी एक आपातकालीन बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है और उन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने का फैसला किया है जहां विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की संभावना अधिक है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर पूर्वोत्तर भारत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिक मणिपुर में शांति की बहाली के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से एकजुटता दिखा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि भारत सरकार और राज्य प्रशासन जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लेंगे ताकि लंबे समय से चल रही अस्थिरता को समाप्त किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि नगा समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाए जाने से मणिपुर का संकट एक नए और जटिल मोड़ पर पहुंच सकता है। अब तक मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष देखा जा रहा था, लेकिन इस नई घटना ने अन्य जनजातीय समूहों के बीच भी असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि समुदायों के बीच विश्वास बहाल करना भी है।
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