राजनीति
‘हर कोई आईटी में काम नहीं करता’: बेंगलुरु के बढ़ते किराए पर महिला का वीडियो हुआ वायरल, छिड़ी नई बहस
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 10:00 pm

बेंगलुरु में बढ़ते मकान किराए के बीच एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने गैर-आईटी पेशेवरों की वित्तीय चुनौतियों का मुद्दा उठाया है।
भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले शहर बेंगलुरु में आवास संकट और आसमान छूते किराए ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। इस विवाद की ताज़ा वजह एक सोशल मीडिया पोस्ट है जो तेजी से वायरल हो रही है। एक स्थानीय निवासी ने वीडियो के जरिए यह कड़ा संदेश दिया है कि ‘शहर में रहने वाला हर व्यक्ति आईटी सेक्टर में काम नहीं करता है।’ इस बयान ने उन हजारों पेशेवरों की आवाज़ को मंच दिया है जो तकनीकी क्षेत्र के बाहर काम करते हैं और बढ़ती महंगाई के बीच शहर में गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में महिला ने बेंगलुरु के मकान मालिकों द्वारा वसूले जा रहे अत्यधिक किराए और सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) की आलोचना की है। उन्होंने तर्क दिया कि शहर का रियल एस्टेट बाजार इस गलत धारणा पर चल रहा है कि हर किराएदार के पास आईटी क्षेत्र का भारी-भरकम वेतन पैकेज है। इस धारणा के कारण शहर के सामान्य इलाकों में भी किराए इतने बढ़ गए हैं कि वे अन्य क्षेत्रों जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रचनात्मक उद्योगों में काम करने वाले लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।
यह मुद्दा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई अक्सर बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे भारतीय शहरों की तुलना ऑस्ट्रेलियाई शहरों की किराया स्थितियों से करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी सिडनी जैसे प्रमुख शहरों में किराए के संकट (Rental Crisis) ने लोगों को परेशान कर रखा है, लेकिन बेंगलुरु में जिस तरह से बिना किसी नियमन के किराए बढ़ाए जा रहे हैं, वह चिंताजनक है।
आंकड़ों की बात करें तो पिछले दो वर्षों में बेंगलुरु के कुछ लोकप्रिय इलाकों में किराए में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। मकान मालिक अक्सर 6 से 10 महीने का किराया अग्रिम जमानत के तौर पर मांगते हैं, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद, नेटिज़न्स दो गुटों में बंट गए हैं। जहां कई लोग महिला की बात से सहमत हैं और किराए पर नियंत्रण (Rent Control) की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि मांग और आपूर्ति के सिद्धांत के कारण कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बेंगलुरु ने अपनी इस 'महंगे शहर' की छवि को सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए, तो यह अन्य क्षेत्रों की प्रतिभाओं को खो सकता है। यह समस्या न केवल आर्थिक है बल्कि सामाजिक असंतुलन को भी दर्शाती है। सिडनी में बसे कई पूर्व बेंगलुरु निवासियों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में किराए के कानूनों को और अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की आवश्यकता है, ताकि केवल एक क्षेत्र विशेष की आय के आधार पर पूरे शहर की अर्थव्यवस्था तय न हो।
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