ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
दुर्लभ नेत्र संक्रमण का हुआ सटीक निदान: आर्टेमिस अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई मरीज की आंखों की रोशनी
ICN24 Newsroom 29 जुल॰ 2026, 01:35 am

आर्टेमिस अस्पताल के डॉक्टरों ने 'आइसोलेटेड ऑर्बिटल हिस्टोप्लाज्मोसिस' नामक एक अत्यंत दुर्लभ फंगल संक्रमण का सफलतापूर्वक इलाज कर मरीज की दृष्टि बहाल की है।
गुरुग्राम स्थित आर्टेमिस अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विशेषज्ञों की एक टीम ने एक ऐसे दुर्लभ नेत्र संक्रमण का सटीक निदान और उपचार किया है, जिसे पहले एक सामान्य स्वास्थ्य स्थिति मानकर नजरअंदाज किया जा रहा था। 'आइसोलेटेड ऑर्बिटल हिस्टोप्लाज्मोसिस' (Isolated Orbital Histoplasmosis) नामक इस दुर्लभ फंगल संक्रमण के कारण मरीज लगभग एक साल से अपनी आंखों की रोशनी खोने की कगार पर था, लेकिन सही समय पर हस्तक्षेप ने उसे एक नई जिंदगी दी है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब मरीज ने दृष्टि की गंभीर समस्याओं और आंखों में लगातार हो रही परेशानी की शिकायत की। पिछले लगभग 12 महीनों से, मरीज का इलाज विभिन्न क्लीनिकों में एक सामान्य नेत्र रोग के रूप में किया जा रहा था। हालांकि, पारंपरिक उपचारों से कोई राहत नहीं मिल रही थी और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। आर्टेमिस अस्पताल के विशेषज्ञों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम (बहुविषयक टीम) का गठन किया, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट और संक्रामक रोग विशेषज्ञ शामिल थे।
जांच के दौरान, टीम ने पाया कि यह कोई साधारण संक्रमण नहीं है। सटीक कारण का पता लगाने के लिए एक बायोप्सी की गई, जिसमें फंगल संक्रमण 'हिस्टोप्लाज्मोसिस' की पुष्टि हुई। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ऑर्बिटल हिस्टोप्लाज्मोसिस का अलग से (आइसोलेटेड) पाया जाना अत्यंत दुर्लभ है, क्योंकि यह आमतौर पर फेफड़ों या शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करता है। आंखों के सॉकेट (ऑर्बिट) में इसका पाया जाना चिकित्सकों के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
निदान की पुष्टि होने के बाद, मरीज को तत्काल विशेष एंटीफंगल उपचार दिया गया। उपचार के कुछ ही हफ्तों के भीतर, मरीज की स्थिति में नाटकीय सुधार देखा गया और उसकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे वापस आने लगी। डॉक्टरों का कहना है कि यदि निदान में और देरी होती, तो मरीज हमेशा के लिए अपनी दृष्टि खो सकता था।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई प्रवासी भारतीय जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं और विशेषज्ञ राय के लिए भारत के अग्रणी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं। यह मामला चिकित्सा विज्ञान में उन्नत नैदानिक उपकरणों (Diagnostic tools) और विशेषज्ञता के महत्व को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि आंखों की कोई समस्या सामान्य उपचार से ठीक नहीं हो रही है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ केंद्र पर विस्तृत जांच करानी चाहिए। आर्टेमिस अस्पताल की इस सफलता ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर भारतीय स्वास्थ्य सेवा की क्षमता को प्रमाणित किया है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
बिसौली: सावन माह और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर परशुराम भक्त संगठन ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
बदायूं के बिसौली में परशुराम भक्त संगठन ने सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
30 जुल॰ 2026, 11:35 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
TIFF ट्रिब्यूट अवार्ड्स 2026: पेनेलोप क्रूज़ और इसाबेल हूपर्ट को मिलेगा सम्मान, पहले विजेताओं की घोषणा
टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (TIFF) ने अपने आठवें वार्षिक ट्रिब्यूट अवार्ड्स के लिए दिग्गज अभिनेत्री पेनेलोप क्रूज़ और इसाबेल हूपर्ट सहित कई बड़े नामों की घोषणा की है।
30 जुल॰ 2026, 10:36 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
पंजाब बंद का व्यापक असर: लुधियाना और फिरोजपुर समेत सात जिलों में व्यापार और स्कूल पूरी तरह ठप
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का लुधियाना और फिरोजपुर सहित 7 जिलों में भारी असर देखा गया।
30 जुल॰ 2026, 09:35 pm
