बिज़नेस
स्विगी इंस्टामार्ट में बड़ा फेरबदल: COO अंकित जैन और CBO हरि कुमार ने दिया इस्तीफा
ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 03:56 pm
क्विक कॉमर्स क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच स्विगी इंस्टामार्ट के दो बड़े अधिकारियों ने पद छोड़ा, IPO से पहले कंपनी के नेतृत्व में बड़ा बदलाव।
भारत की दिग्गज फूड और ग्रोसरी डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) के क्विक कॉमर्स वर्टिकल, 'इंस्टामार्ट' में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अंकित जैन और चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) हरि कुमार ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत में 10-20 मिनट की ग्रोसरी डिलीवरी यानी क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो गई है।
स्विगी इंस्टामार्ट के इन दो महत्वपूर्ण स्तंभों का जाना कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, विशेषकर तब जब स्विगी अपने आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारियों में जुटी है। रिपोर्टों के अनुसार, अंकित जैन और हरि कुमार दोनों ने अपनी नई व्यावसायिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कंपनी छोड़ने का निर्णय लिया है। अंकित जैन, जो पहले गूगल में काम कर चुके हैं, स्विगी की परिचालन दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। वहीं, हरि कुमार ने इंस्टामार्ट के व्यापारिक विस्तार और ब्रांड साझेदारी में बड़ा योगदान दिया था।
इस इस्तीफे के बाद स्विगी ने अपने आंतरिक नेतृत्व में फेरबदल की घोषणा की है। कंपनी ने अब अमितेश झा को इंस्टामार्ट का नया प्रमुख नियुक्त किया है, जो पहले फ्लिपकार्ट में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि स्विगी अब ई-कॉमर्स क्षेत्र के अनुभवी दिग्गजों के माध्यम से ब्लिंकिट (Blinkit) और ज़ेप्टो (Zepto) जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को टक्कर देने की रणनीति बना रही है।
क्विक कॉमर्स का बाज़ार इस समय भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला सेक्टर है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर रुचि का विषय है, क्योंकि कई प्रवासी भारतीय (NRIs) भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश करते हैं या वहां के तकनीकी विकास पर पैनी नज़र रखते हैं। स्विगी का IPO न केवल भारतीय निवेशकों के लिए बल्कि वैश्विक पोर्टफोलियो रखने वाले ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय पेशेवरों के लिए भी एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व में यह बदलाव कंपनी की रणनीतिक दिशा को और अधिक स्पष्ट कर सकता है, हालांकि अचानक हुए इन इस्तीफों से निवेशकों के मन में कुछ सवाल भी पैदा हुए हैं।
प्रतिस्पर्धा की बात करें तो ज़ोमैटो के स्वामित्व वाली ब्लिंकिट इस समय बाज़ार में बढ़त बनाए हुए है, जबकि ज़ेप्टो ने हाल ही में भारी मात्रा में फंडिंग जुटाकर अपनी स्थिति मजबूत की है। टाटा समूह का बिगबास्केट (BB Now) भी इस रेस में पीछे नहीं है। ऐसे में स्विगी इंस्टामार्ट को अपनी बाज़ार हिस्सेदारी बचाने और मुनाफे की ओर बढ़ने के लिए एक स्थिर और अनुभवी नेतृत्व की सख्त आवश्यकता है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए नेतृत्व के तहत स्विगी अपनी डिलीवरी टाइमलाइन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को कैसे बेहतर बनाती है।
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