राजनीति
तमिलनाडु: कृष्णगिरि में कृषि सहकारी समिति के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, वेतन वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ की मांग
ICN24 Newsroom 21 जुल॰ 2026, 07:35 am
तमिलनाडु के कृष्णगिरि में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और समय पर सेवानिवृत्ति लाभों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए इन कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, समय पर सेवानिवृत्ति लाभ और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन न केवल प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों पर भी पड़ने की संभावना है।
आंदोलनकारी कर्मचारियों का मुख्य तर्क है कि वे ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले सहकारी ढांचे को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी वित्तीय सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनकी वेतन समीक्षा लंबे समय से लंबित है, जिससे बढ़ती महंगाई के दौर में उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनके हक के लाभ समय पर नहीं मिल रहे हैं, जो उनके बुढ़ापे के लिए एकमात्र सहारा होते हैं।
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में, विशेषकर तमिलनाडु जैसे कृषि प्रधान राज्य में, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां सीधे किसानों से जुड़ी होती हैं। ये समितियां किसानों को ऋण प्रदान करने, उर्वरक वितरण और अनाज खरीद जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में मदद करती हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जिनमें से कई तमिलनाडु और अन्य कृषि क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं, यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीयों के परिवारों का एक बड़ा हिस्सा आज भी इन सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खेती से जुड़ा हुआ है। यदि इन समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उनके परिजनों की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी संघ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र बनाएंगे। उन्होंने मांग की है कि एक पारदर्शी वेतनमान लागू किया जाए और सहकारी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों के समकक्ष लाभ दिए जाएं। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।
यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े संकट की ओर संकेत करता है, जहां बुनियादी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी अपनी उपेक्षा से नाराज हैं। आईएनसी24 (ICN24) इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है ताकि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को उनके मूल स्थान से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर से अपडेट रखा जा सके।
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