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दिल्ली को मिली बारिश से राहत, लेकिन उत्तर भारत और असम में मानसून का कहर; केदारनाथ यात्रा बाधित

ICN24 Newsroom 21 जुल॰ 2026, 09:35 pm
दिल्ली को मिली बारिश से राहत, लेकिन उत्तर भारत और असम में मानसून का कहर; केदारनाथ यात्रा बाधित

दिल्ली में बारिश से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं उत्तराखंड, हिमाचल और असम में मानसून भारी तबाही मचा रहा है। रुद्रप्रयाग में भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में लंबे समय के इंतजार के बाद हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। हालांकि, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए यह मानसून आफत बनकर आया है। विशेष रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और असम में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। रुद्रप्रयाग जिले में रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबे के आने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है। भारी मशीनों के जरिए सड़कों से मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही है। यह स्थिति उन भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के लिए चिंता का विषय है जो वर्तमान में तीर्थयात्रा पर हैं या आने वाले हफ्तों में भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हिमाचल के ऊपरी इलाकों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण संपर्क मार्ग टूट गए हैं। कुल्लू और मनाली जैसे पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की खबरें हैं, जिससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन का कहना है कि पहाड़ों में मिट्टी की पकड़ कमजोर होने के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के बिना यात्रा न करें। पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है और वन्यजीवों के लिए मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न है। राहत और बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह समय अपने परिवारों के संपर्क में रहने का है। यदि आप या आपके परिचित इस समय भारत की यात्रा पर हैं, तो विमान सेवाओं और सड़क मार्ग की स्थिति की निरंतर जांच करते रहें। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित ठिकानों पर रुकना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
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