राजनीति
रांची समाचार: मतदाता सूची में भारी विसंगतियों पर कांग्रेस का प्रहार, निर्वाचन आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग
ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 01:37 am

झारखंड कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रकाशित मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
झारखंड की राजनीति में मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी की गई नई मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर निर्वाचन आयोग से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुचिता बनी रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद जो सूची सामने आई है, उसमें कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां हैं। उनके अनुसार, राज्य के कई जिलों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं जहां एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) में दर्ज कर दिए गए हैं। यह न केवल मतदाताओं के लिए असुविधाजनक है, बल्कि मतदान के दिन परिवारों के लिए समन्वय बिठाना भी कठिन बना देता है।
विजय शंकर नायक ने विस्तार से बताया कि कई मामलों में मतदाताओं के बूथ उनकी जानकारी के बिना बदल दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "यह बेहद चिंताजनक है कि एक ही घर में रहने वाले माता-पिता और बच्चों को अलग-अलग केंद्रों पर वोट डालने के लिए भेजा जा रहा है। इससे मतदान प्रतिशत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि कई लोग इस अव्यवस्था के कारण मतदान केंद्रों तक जाने से कतराएंगे।" कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
झारखंड के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर गहमागहमी तेज है। कांग्रेस का तर्क है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को और अधिक सटीक बनाना था, न कि उसे और जटिल करना। पार्टी ने आशंका जताई है कि यदि इन विसंगतियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। नायक ने मांग की है कि निर्वाचन आयोग जिलावार डेटा की समीक्षा करे और जहां भी परिवारों के विखंडन या बूथ परिवर्तन की शिकायतें हैं, उन्हें तुरंत सुधारा जाए।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई अनिवासी भारतीय (NRI) अपने परिवारों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सजग रहते हैं। मतदान प्रक्रिया में इस तरह की बाधाएं न केवल स्थानीय निवासियों को परेशान करती हैं, बल्कि उन प्रवासी भारतीयों के भरोसे को भी प्रभावित करती हैं जो भारत की चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता की उम्मीद करते हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस प्रक्रिया की पारदर्शी जांच नहीं होती और गलतियों को सुधारा नहीं जाता, वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहेंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन पर पुनरीक्षण प्रक्रिया की विश्वसनीयता साबित करने का भारी दबाव है।
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