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आगरा: तालाब में मृत मछलियों के मिलने से हड़कंप, जलीय जीवों के सामूहिक मौत पर उठे सवाल
ICN24 Newsroom 5 अग॰ 2026, 07:37 am

आगरा के एक स्थानीय तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मृत पाए जाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। प्रशासन प्रदूषण के एंगल से जांच कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक स्थानीय तालाब में हजारों की संख्या में मछलियां और अन्य जलीय जीव मृत अवस्था में पानी की सतह पर तैरते हुए पाए गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सबसे पहले सुबह तालाब के पास से गुजरते समय तेज दुर्गंध महसूस की, जिसके बाद मौके पर जाकर देखा तो दंग रह गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब का पानी पूरी तरह से काला पड़ चुका था और सतह पर केवल मृत मछलियां ही नजर आ रही थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने जानबूझकर तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया है या फिर आसपास की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को बिना उपचार किए तालाब में छोड़ दिया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पानी के नमूने एकत्र किए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह ऑक्सीजन की कमी या रासायनिक संदूषण का मामला लग रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि यह किसी की लापरवाही या साजिश पाई गई, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए एक बड़ा नुकसान है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है। आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर में, जहां जल संरक्षण के लिए पहले से ही कई चुनौतियां हैं, इस तरह की घटनाएं भविष्य के लिए खतरे की घंटी हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोग भी भारत में पर्यावरण और जल प्रदूषण की ऐसी खबरों पर चिंता व्यक्त करते रहे हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई पर्यावरण समूहों का मानना है कि भारत के शहरी और ग्रामीण जलाशयों के संरक्षण के लिए कड़े कानूनों की आवश्यकता है।
फिलहाल, प्रशासन ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे तालाब के पानी का उपयोग न करें और न ही मृत मछलियों को हाथ लगाएं, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
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