ऑस्ट्रेलिया
ब्रिस्बेन: घर में चोरी के लिए छोटे बच्चों का इस्तेमाल, छठी बार शिकार हुए मकान मालिक ने जताई चिंता
ICN24 Newsroom 5 अग॰ 2026, 01:37 pm

ब्रिस्बेन में एक मकान मालिक ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर आरोप लगाया है कि उनके घर में चोरी करने के लिए छोटे बच्चों का सहारा लिया गया। यह घर पिछले कुछ समय में छठी बार निशाना बना है।
क्वींसलैंड की राजधानी ब्रिस्बेन में अपराध की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मकान मालिक ने दावा किया है कि उनके घर में घुसपैठ करने के लिए कथित तौर पर छोटे बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में कैद इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि ब्रिस्बेन में रह रहे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को भी सुरक्षा के प्रति चिंतित कर दिया है। पीड़ित मकान मालिक के अनुसार, यह पिछले कुछ महीनों में उनके घर पर हुआ छठा हमला है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना के विवरण के अनुसार, संदिग्धों ने घर में प्रवेश करने के लिए उन जगहों का चुनाव किया जहां से केवल छोटे बच्चे ही भीतर जा सकते थे। फुटेज में देखा गया कि किस तरह वयस्कों द्वारा निर्देशित होकर छोटे बच्चे सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश कर रहे थे। पीड़ित ने मीडिया से बात करते हुए अपना दुख व्यक्त किया और कहा कि अब वे अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बार-बार होने वाली इन घटनाओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ रहा है।
ब्रिस्बेन के उपनगरीय इलाकों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता का विषय है। समुदाय के कई लोग अपनी कड़ी मेहनत की कमाई से घर खरीदते हैं और परिवार की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होती है। इस घटना ने एक बार फिर क्वींसलैंड में बढ़ते 'यूथ क्राइम' या किशोर अपराध की समस्या को केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी अक्सर कानून की कमियों का फायदा उठाते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि बहुत कम उम्र के बच्चों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की संभावनाएं सीमित होती हैं।
मकान मालिक ने स्थानीय पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर उनके घर को बार-बार निशाना बना रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और इस तरह के गिरोहों पर नकेल कसी जाए जो बच्चों को अपराध के रास्ते पर धकेल रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना केवल एक घर की सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए चेतावनी है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि सरकार को किशोर न्याय प्रणाली में सुधार करना चाहिए। जब तक अपराधियों को सख्त सजा का डर नहीं होगा, तब तक इस तरह की घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा। फिलहाल, पीड़ित परिवार अपने घर की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त उपाय कर रहा है, लेकिन उनका कहना है कि 'छठी बार' होने वाली इस घटना ने उनका विश्वास पूरी तरह से हिला दिया है।
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